अशोक अग्रवाल, द्वारा
रायपुर।
राष्ट्रीय मानव अधिकार क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NH RCCB) छत्तीसगढ़ टीम की ओर से “मानवाधिकार : एक परिचय” विषय पर एकदिवसीय प्रादेशिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन रायपुर स्थित होटल सिटी स्टार में किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से ब्यूरो के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ नागरिकों के अधिकारों, कानूनों, संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों एवं विषय के जानकारों ने मानवाधिकार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
कानूनी अधिकारों और मानवाधिकारों पर मिला मार्गदर्शन
कार्यशाला में माननीय श्री आशीष श्रीवास्तव जी, चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल, रायपुर ने कानूनी अधिकारों एवं मानवाधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने नागरिकों के कानूनी अधिकारों तथा कानून के दायरे में रहकर अधिकारों के संरक्षण की प्रक्रिया को समझाया।
वहीं माननीय रिटायर्ड मेजर श्री प्रवीण सिंह जी, एक्स. एसएसपी, बस्तर, आर्मी कोच एवं डायरेक्टर ने अनुशासन, सुरक्षा और नागरिक अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।

पत्रकारिता और मीडिया की भूमिका पर चर्चा
कार्यशाला में माननीय डॉ. शाहिद अली जी, सुप्रसिद्ध मीडिया शिक्षाविद्, प्राध्यापक, जनसंचार विभाग, केटीयू एवं चेयरमैन, पीआरएसआई रायपुर चैप्टर ने पत्रकारिता और मीडिया की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने जनसंचार माध्यमों के जरिए समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इसी क्रम में माननीय श्री शिवशंकर सोनपीपरे जी, राष्ट्रीय महासचिव, न्यू छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट फाउंडेशन ने पत्रकारिता और समाज में जागरूकता निर्माण के क्षेत्र में मानवाधिकारों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
स्वास्थ्य और श्रमिक अधिकारों पर भी हुई चर्चा
माननीया डॉ. प्रीति केशरवानी जी, एमडी रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ ने स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में नागरिकों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और जागरूकता को नागरिक अधिकारों से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण बातें रखीं।
वहीं माननीय श्री नरेंद्र सिंह नेहरा जी, डायरेक्टर (टेक्निकल), नकोड़ा पाइप्स इंपेक्स लिमिटेड, रायपुर ने उद्योग एवं श्रमिकों के अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
शिक्षा, कानून और संवैधानिक अधिकारों पर प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान मानवाधिकार, शिक्षा का अधिकार, कानून एवं संवैधानिक अधिकार, स्वास्थ्य संबंधी अधिकार, पत्रकारिता एवं मीडिया की भूमिका तथा उद्योग एवं मजदूरों के अधिकार जैसे विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि मानवाधिकार किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, समानता, स्वतंत्रता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और न्याय के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों में कार्य करते समय संवेदनशीलता के साथ तथ्यों की निष्पक्ष जांच और कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन बेहद आवश्यक है। पदाधिकारियों को सलाह दी गई कि किसी भी शिकायत पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय संबंधित पक्षों की जानकारी प्राप्त कर उचित प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के समक्ष विषय रखा जाए।
जिलों से आए पदाधिकारियों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला के दौरान विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सामने आने वाली समस्याओं और अनुभवों को साझा किया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ एवं राष्ट्रीय संयुक्त सचिव माननीय डॉ. जतिंदर पाल सिंह जी द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को निर्धारित क्रम में व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए अतिथियों एवं मुख्य वक्ताओं का परिचय कराया और विभिन्न सत्रों को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया।
उन्होंने मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूकता, जिम्मेदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता को आवश्यक बताया।
नई कार्ययोजना और नई शुरुआत का लिया संकल्प
कार्यशाला के दौरान छत्तीसगढ़ टीम के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ मानवाधिकारों के क्षेत्र में नई कार्ययोजना और नई शुरुआत का संकल्प लिया गया। उपस्थित सदस्यों ने समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जरूरतमंद लोगों को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, उपयोगी और मार्गदर्शक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।
रायपुर में आयोजित यह एकदिवसीय प्रादेशिक कार्यशाला मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता, प्रशिक्षण और छत्तीसगढ़ टीम की नई कार्यदिशा निर्धारित करने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।





